बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर होगा मुकाबला, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना
पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर अब पहली बार विधानसभा चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं। पार्टी ने उन्हें बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से होने वाले उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह सीट बीजेपी नेता और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
रविवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी की घोषणा की। उन्होंने बताया कि पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया।
पहली बार चुनावी मैदान में उतरेंगे प्रशांत किशोर
चुनावी रणनीतिकार के रूप में देशभर में पहचान बनाने वाले प्रशांत किशोर अब पहली बार खुद चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले वर्ष 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने जन सुराज पार्टी बनाई थी और लगभग पूरे राज्य में उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन स्वयं चुनाव नहीं लड़ा था। उस समय उन्होंने कहा था कि पार्टी को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है।
अब बांकीपुर उपचुनाव के जरिए वे सीधे जनता के बीच अपनी राजनीतिक ताकत आजमाएंगे।
बांकीपुर सीट क्यों है खास?
पटना शहर की बांकीपुर विधानसभा सीट बिहार की सबसे प्रतिष्ठित और हाई-प्रोफाइल सीटों में गिनी जाती है। इसे लंबे समय से बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने यहां से 51 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी और उन्हें करीब 63 प्रतिशत वोट मिले थे।
ऐसे में प्रशांत किशोर की उम्मीदवारी ने इस सीट के मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है।
सम्राट चौधरी पर बोला हमला
उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता को उनके नेतृत्व पर भरोसा नहीं है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि सम्राट चौधरी जनता द्वारा सीधे चुने हुए मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि उन्हें सत्ता के ‘पिछले दरवाजे’ से मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता ने जनादेश किसी और नेतृत्व के नाम पर दिया था।
उन्होंने बांकीपुर के मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि यह उपचुनाव सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि राज्य सरकार की नीतियों और कामकाज पर जनता का फैसला भी होगा।
कार्यकर्ताओं का जताया आभार
प्रशांत किशोर ने अपनी उम्मीदवारी पर पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही उनका जीवन और लक्ष्य रहा है। उन्होंने कहा कि अगले दस वर्षों तक भी उनका एकमात्र उद्देश्य बिहार में बदलाव लाना रहेगा।
उन्होंने कहा कि यदि जन सुराज बांकीपुर उपचुनाव जीतती है तो इससे न केवल पार्टी का आंदोलन मजबूत होगा, बल्कि बिहार में राजनीतिक बदलाव की सोच को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
पिछले चुनाव में नहीं खुला था खाता
नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने लगभग पूरे राज्य में उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और 238 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद एक भी सीट जीतने में सफल नहीं हो सकी।
चुनाव के दौरान कई उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने से भी पार्टी को झटका लगा था। प्रशांत किशोर ने उस समय आरोप लगाया था कि उनके उम्मीदवारों पर दबाव बनाकर नामांकन वापस करवाए गए।
उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम
भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की रिक्त विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने की घोषणा की है।
6 जुलाई: अधिसूचना जारी
13 जुलाई: नामांकन की अंतिम तिथि
16 जुलाई: नाम वापसी की अंतिम तिथि
30 जुलाई: मतदान
3 अगस्त: मतगणना
राजनीतिक नजरिया
बांकीपुर उपचुनाव को केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं माना जा रहा है। यह मुकाबला बीजेपी के मजबूत गढ़, प्रशांत किशोर की पहली चुनावी परीक्षा और जन सुराज के राजनीतिक भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है। इस चुनाव के नतीजे यह संकेत भी देंगे कि बिहार की राजनीति में जन सुराज कितनी मजबूत चुनौती पेश कर सकती है।