पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में शुक्रवार को तीन-तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई. सीएनजी की क़ीमत में भी दो रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है.
तेल कंपनियों ने वैश्विक ऊर्जा क़ीमतों में आई तेज़ी का बोझ अब उपभोक्ताओं पर भी डालना शुरू कर दिया है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़ाकर 97.77 रुपये प्रति लीटर कर दी गई. वहीं डीज़ल अब 87.67 रुपये के मुक़ाबले 90.67 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. तेल इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में पेट्रोल की खुदरा क़ीमत अब क्रमशः 106.68 रुपये, 108.74 रुपये और 103.67 रुपये प्रति लीटर होगी.
दूसरी ओर डीज़ल मुंबई में 93.14 रुपये, कोलकाता में 95.13 रुपये और चेन्नई में 95.25 रुपये प्रति लीटर मिलेगा. भारत अब तक पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी से बचता रहा था. ईंधन की क़ीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर थीं. हालांकि मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले पेट्रोल और डीज़ल दोनों की कीमतों में दो रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी.
सरकारी कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अप्रैल 2022 में दैनिक मूल्य संशोधन प्रणाली को बंद कर दिया था. ज्ञात हो कि ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले के बाद होर्मुज़ स्ट्रेट बाधित हुआ और तब से ही अंतराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत बढ़ने लगी थी.
भारत अपनी ज़रूरत का तकरीबन 90 फ़ीसदी तेल आयात करता है, ऐसे में सबसे ज़्यादा डॉलर इसी पर ख़र्च होता है. ऐसे में अंदेशा पहले से ही था कि सरकार तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी करेगी.