CJI सूर्यकांत का अजीबोगरीब बयान, बोले कुछ युवा आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और सिस्टम पर हमला करना शुरू कर देते हैं। उन्होंने बेजरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से कर दी।
मीलाड जी के बोल सुने कितने देश के युवाओं के प्रति कुंठा है। हर बेरोजगार युवा कॉकरोच ही होता है न मीलाड!
जजों के मंत्रियों के विधायकों के और बड़े सरकारी अधिकारियों के लौंडे लौंडिया इस देश को पसंद नहीं करते क्योंकि इस देश में कॉकरोच भरे पड़े हैं। pic.twitter.com/ra8CQGLgZO
CJI सूर्यकांत का अजीबोगरीब बयान सामने आया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने बयान दिया है कि कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करते हुए, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने शुक्रवार को कहा कि वे आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया और RTI एक्टिविस्ट बन जाते हैं और सिस्टम पर हमला करना शुरू कर देते हैं। यह बयान एक वकील को फटकार लगाते हुए दी गई।
हमारे देश के बेचारे बेरोजगार युवाओं को यही सुनना बस बाकी रह गया था, और उस कमी को भी पूरा कर दिया चीफ जस्टिस सूर्यकांत जी ने। दिल की बात कह दी कि हमारे देश के कुछ बेरोजगार युवा “कॉकरोच” के भांति हैं। pic.twitter.com/k776bbQRKd
— Shatrudhan Pandey (@Shatrud23678005) May 16, 2026
कब आया है यह बयान? चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने यह बयान तब दिया जब जब CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच एक वकील को सीनियर एडवोकेट का दर्जा पाने की कोशिश करने के लिए फटकार लगा रही थी। बेंच ने कहा कि समाज में पहले से ही ऐसे ‘परजीवी’ मौजूद हैं जो सिस्टम पर हमला करते हैं, और याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वह भी उनके साथ हाथ मिलाना चाहता है। बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि पूरी दुनिया शायद सीनियर (एडवोकेट) बनने के योग्य हो, लेकिन कम से कम आप इसके हकदार नहीं हैं।