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IIT बॉम्बे में साहिल वाकोड़े की मौत: 20 बयान दर्ज, फोन-CCTV की पड़ताल तेज; आठवले ने मांगी गहन जांच

by Admin
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क्राइम ब्रांच ने करीब 20 लोगों के बयान दर्ज किए हैं, मोबाइल और लैपटॉप की फोरेंसिक जांच जारी है और CCTV फुटेज की पड़ताल हो रही है। साहिल के परिवार ने जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जबकि संस्थान से जुड़े कुछ लोगों ने इन आरोपों से असहमति जताई है। IIT बॉम्बे ने अपनी शुरुआती सार्वजनिक सूचना पर माफी मांगी है और प्रो. दुल्ला से जुड़े प्रशासनिक कदम उठाए हैं। ऐसे में अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह निर्धारित करना है कि उपलब्ध डिजिटल, प्रत्यक्ष और दस्तावेजी साक्ष्य घटनाओं की कौन-सी तस्वीर पेश करते हैं।

मुंबई। IIT बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है। 25 सितंबर तक जांच एजेंसी करीब 20 लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें परीक्षा हॉल में साहिल के साथ मौजूद छात्र, परीक्षा की निगरानी करने वाले शिक्षक और संस्थान के अन्य कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं। पुलिस अब CCTV फुटेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप समेत उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों को जोड़कर 18 सितंबर के घटनाक्रम की कड़ी तैयार करने में जुटी है।

सबसे अहम कड़ी- परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक के करीब 47 मिनट

जांच में 18 सितंबर का समय-क्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस के अनुसार साहिल दोपहर करीब 12:38 बजे परीक्षा हॉल से बाहर निकला और करीब 1:25 बजे हॉस्टल पहुंचा। इन दोनों समय के बीच वह कहां गया, किन लोगों के संपर्क में आया और उसके साथ क्या घटनाक्रम हुआ—इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए क्राइम ब्रांच परिसर के CCTV फुटेज और गवाहों के बयान खंगाल रही है।

पुलिस का कहना है कि CCTV, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों को आपस में मिलाकर घटनाओं का क्रम तैयार किया जा रहा है।

लॉक है साहिल का फोन, फोरेंसिक टीम कर रही डेटा हासिल करने की कोशिश

जांच में साहिल का मोबाइल फोन भी अहम डिजिटल साक्ष्य बन गया है। पुलिस के मुताबिक फोन लॉक है और फिलहाल जांचकर्ता उसके कॉल लॉग और संदेशों तक सीधे पहुंच नहीं बना पाए हैं। फोन की स्क्रीन पर कुछ मिस्ड कॉल की सूचनाएं दिखाई दी थीं। फोरेंसिक विशेषज्ञ डिवाइस से उपलब्ध डेटा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

साहिल का लैपटॉप भी जांच के लिए जब्त किया गया है। पुलिस इन डिजिटल उपकरणों से मिलने वाली जानकारी को CCTV और गवाहों के बयानों के साथ मिलाकर देख रही है।

परिजनों के आरोप- कैंपस में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न

साहिल के माता-पिता रविंद्र वाकोड़े और सोनाली वाकोड़े लगातार आरोप लगा रहे हैं कि उनके बेटे को संस्थान में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। परिवार ने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनके आरोपों के आधार पर पुलिस की जांच में जातिगत भेदभाव से जुड़े पहलू भी शामिल हैं।

परिवार की ओर से दर्ज शिकायत में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला समेत अन्य लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। दुल्ला को लेकर जांच जारी है और अभी यह तय नहीं हुआ है कि लगाए गए आरोपों की पुष्टि होती है या नहीं।

IIT बॉम्बे ने दुल्ला को उनके प्रशासनिक पद से हटाया/छुट्टी पर भेजा है ताकि जांच प्रभावित न हो। वहीं, IIT बॉम्बे के Faculty Forum और कुछ छात्रों ने उनका बचाव करते हुए कहा है कि उन्होंने परीक्षा के दौरान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम किया था। यानी इस मामले में अलग-अलग पक्षों के दावे मौजूद हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

IIT की शुरुआती परीक्षा वाली जानकारी पर भी उठे सवाल

मामले में IIT बॉम्बे की शुरुआती प्रतिक्रिया भी विवाद का हिस्सा बनी। संस्थान ने शुरुआत में साहिल की मौत से पहले परीक्षा में कथित तौर पर मोबाइल फोन और AI प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल की जानकारी सार्वजनिक की थी।

बाद में IIT बॉम्बे ने इस संचार के लिए माफी मांगी और कहा कि घटना से पहले की परिस्थितियां संबंधित अधिकारियों की जांच के अधीन हैं और जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष के रूप में विवरण पेश करना उचित नहीं था।

यही मुद्दा छात्र आंदोलन में भी प्रमुखता से उठा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि किसी मृत छात्र पर जांच पूरी होने से पहले आरोप सार्वजनिक करना उचित नहीं था।

18 सूत्रीय मांगों पर IIT प्रशासन ने जताई सहमति

साहिल की मौत के बाद IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने लगातार प्रदर्शन किया। तीन दिन के आंदोलन के बाद संस्थान के निदेशक प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों द्वारा रखे गए 18 सूत्रीय मांग-पत्र पर हस्ताक्षर किए। हालांकि संस्थान की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि अलग-अलग मांगों पर नियत प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई होगी।

छात्रों की मांगों में साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच, जांच में छात्रों और बाहरी विशेषज्ञों की भूमिका, संस्थागत जवाबदेही, प्रोफेसरों के लिए आचार संहिता, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, बेहतर काउंसलिंग, छात्र प्रतिनिधित्व और 24 घंटे मनोचिकित्सक उपलब्ध कराने जैसी मांगें शामिल हैं।

छात्रों ने जांच के लिए 30 सितंबर तक अंतरिम रिपोर्ट और 15 अक्टूबर तक अंतिम रिपोर्ट की मांग भी रखी थी।

साहिल के माता-पिता ने शुरू की भूख हड़ताल

24 सितंबर को साहिल के माता-पिता ने मुंबई के आजाद मैदान में भूख हड़ताल शुरू की। उनकी प्रमुख मांगों में मामले में नामजद लोगों पर कार्रवाई, निष्पक्ष जांच, CCTV और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखना तथा जांच की महत्वपूर्ण प्रगति से परिवार को अवगत कराना शामिल है।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे IIT बॉम्बे के बाहर प्रदर्शन के लिए जा रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें भांडुप में रोक लिया। पुलिस का कहना है कि उन्हें आजाद मैदान में प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी और उन्हें उसी स्थान पर प्रदर्शन करने के लिए कहा गया था। दोनों पक्षों के इन दावों की स्वतंत्र जांच की जरूरत है।

25 सितंबर को साहिल के माता-पिता मुंबई क्राइम ब्रांच के बांद्रा कार्यालय पहुंचे और करीब आठ घंटे तक अधिकारियों के साथ रहे। इस दौरान जांच की स्थिति और मामले से जुड़े मुद्दों पर उनसे पूछताछ/बातचीत हुई।

NCSC भी IIT बॉम्बे पहुंचा

मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) की भी सक्रियता सामने आई है। आयोग के प्रतिनिधियों ने IIT बॉम्बे का दौरा किया और संस्थान से मामले में की गई कार्रवाई तथा जांच से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट मांगी। साहिल के परिवार ने आयोग के समक्ष भी अपनी शिकायतें और मांगें रखी हैं।

राहुल गांधी ने भी परिवार से बात की

साहिल के परिवार से कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फोन पर बातचीत की और उन्हें समर्थन का भरोसा दिया। परिवार के साथ बातचीत के दौरान उनके साथ युवा कांग्रेस के नेता भी मौजूद थे। यह मामला अब कैंपस जांच के साथ-साथ व्यापक सार्वजनिक और राजनीतिक बहस का विषय भी बन चुका है।

केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले भी IIT बॉम्बे पहुंचे

इसी बीच केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने शुक्रवार को IIT बॉम्बे का दौरा किया और साहिल की मौत की गहन जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि IIT जैसे संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थी प्रतिभाशाली होते हैं और साहिल की मौत के पीछे के कारणों का पता लगाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

आठवले ने यह संभावना भी जताई कि साहिल के साथ किसी तरह का अपमानजनक व्यवहार हुआ हो सकता है। हालांकि यह अभी आशंका/बयान का हिस्सा है, जांच से प्रमाणित तथ्य नहीं।

अब जांच के सामने ये बड़े सवाल

क्राइम ब्रांच की जांच में फिलहाल कई पहलू एक साथ देखे जा रहे हैं—

  • 18 सितंबर को परीक्षा हॉल से निकलने के बाद साहिल के साथ क्या हुआ?
  • परीक्षा हॉल और हॉस्टल के बीच के CCTV में क्या सामने आता है?
  • साहिल के फोन से कॉल और संदेशों की क्या जानकारी मिलती है?
  • लैपटॉप और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से क्या सामने आता है?
  • परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम और बाद की घटनाओं के बीच क्या संबंध था?
  • परिवार द्वारा लगाए गए जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि के लिए क्या साक्ष्य मिलते हैं?
  • FIR में नामजद लोगों की भूमिका जांच में क्या सामने आती है?
  • IIT बॉम्बे की शुरुआती सार्वजनिक प्रतिक्रिया और बाद की माफी के बीच क्या परिस्थितियां थीं?

फिलहाल इन सवालों का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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