नागोया: जापान के आइची-नागोया में शनिवार, 19 सितंबर को 20वें एशियन गेम्स का आधिकारिक आगाज हो गया। पालोमा मिजुहो स्टेडियम में आयोजित उद्घाटन समारोह में एशिया के विभिन्न देशों के खिलाड़ी और अधिकारी एक मंच पर नजर आए। भारत की ओर से दोहरी ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर और स्टार कबड्डी खिलाड़ी पवन सेहरावत ने तिरंगा थामकर भारतीय दल की अगुआई की।
उद्घाटन समारोह के साथ ही एशियाई खेलों का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। अब भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में पदकों के लिए अपनी चुनौती पेश करेंगे। भारत की नजर पिछले एशियन गेम्स में हासिल किए गए ऐतिहासिक प्रदर्शन को आगे बढ़ाने पर होगी।
तिरंगा लेकर सबसे आगे नजर आए मनु और पवन
उद्घाटन समारोह के दौरान भारतीय दल की एंट्री खास आकर्षण का केंद्र रही। मनु भाकर और पवन सेहरावत हाथों में तिरंगा लेकर सबसे आगे चल रहे थे, जबकि उनके पीछे भारतीय खिलाड़ी और अधिकारी मार्च करते हुए स्टेडियम में पहुंचे।
मनु भाकर के लिए यह सम्मान उनके शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पेरिस 2024 ओलंपिक में उन्होंने दो कांस्य पदक जीते थे और एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली स्वतंत्र भारत की पहली खिलाड़ी बनी थीं।
वहीं पवन सेहरावत भारतीय कबड्डी टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह पिछले एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा रहे थे।
आखिरी समय में बदला गया पुरुष ध्वजवाहक
उद्घाटन समारोह से पहले भारत के पुरुष ध्वजवाहक को लेकर आखिरी समय में बदलाव करना पड़ा। पहले दो बार के एशियन गेम्स शॉटपुट चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर को मनु भाकर के साथ ध्वजवाहक बनाया गया था। लेकिन आधिकारिक समारोह किट समय पर नहीं मिलने के कारण तूर उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं हो सके। उनकी जगह पवन सेहरावत को यह जिम्मेदारी दी गई।
रॉयटर्स के मुताबिक, भारतीय ओलंपिक संघ ने इसे तकनीकी समस्या बताया, जबकि तूर ने कहा कि उन्हें समारोह में ध्वजवाहक बनने की जानकारी देर से मिली थी और किट समय पर नहीं पहुंच सकी। हालांकि, तूर एशियन गेम्स में भारत की पदक चुनौती का हिस्सा हैं और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे।
503 खिलाड़ियों के साथ उतरा भारत
इस बार भारत ने एशियन गेम्स के लिए 503 खिलाड़ियों का दल भेजा है। ये खिलाड़ी 36 खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। दल में 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल हैं।
भारतीय दल में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा प्रतिभाओं को भी जगह मिली है। अलग-अलग खेलों में भारत के सामने पदक जीतने के साथ-साथ कई खिलाड़ियों के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने का मौका भी है।
मनु भाकर पर रहेंगी निगाहें
पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने के बाद मनु भाकर भारतीय शूटिंग की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं। एशियन गेम्स में भी उनसे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी।
उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने के बाद अब उनकी नजर शूटिंग रेंज में प्रदर्शन पर होगी।
पवन सेहरावत के सामने कबड्डी में चुनौती
पवन सेहरावत के लिए भी यह एशियन गेम्स बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम पिछली बार स्वर्ण पदक जीत चुकी है और इस बार भी टीम अपने खिताब को बरकरार रखने की चुनौती के साथ मैदान में उतरेगी।
उद्घाटन समारोह में भारतीय दल की अगुआई करने के बाद पवन अब कबड्डी कोर्ट पर टीम के अभियान का हिस्सा बनेंगे।
जापान के सम्राट नारुहितो ने किया उद्घाटन
उद्घाटन समारोह के दौरान जापान के सम्राट नारुहितो ने 20वें एशियन गेम्स के आधिकारिक उद्घाटन की घोषणा की। समारोह में जापानी संस्कृति, संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां भी देखने को मिलीं।
नागोया में आयोजित समारोह के साथ एशिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में से एक का औपचारिक शुभारंभ हुआ। हालांकि, कुछ खेलों की प्रतियोगिताएं उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी थीं, क्योंकि पूरे आयोजन का कार्यक्रम काफी विस्तृत है।
भारत के लिए क्यों खास हैं ये एशियन गेम्स?
भारत ने हांगझोउ में आयोजित पिछले एशियन गेम्स में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 107 पदक जीते थे। इस बार भारतीय दल के सामने उस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।
भारत के लिए एशियन गेम्स सिर्फ पदक जीतने का मंच नहीं है, बल्कि कई खेलों में आगे की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। कुछ खेलों में यहां का प्रदर्शन खिलाड़ियों के लिए अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में अहम हो सकता है।
सिर्फ स्टार खिलाड़ी नहीं, युवा प्रतिभाओं पर भी नजर
इस बार भारतीय दल में अनुभवी ओलंपियन और एशियन गेम्स पदक विजेताओं के साथ बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं। ऐसे खिलाड़ियों के लिए नागोया का मंच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा अवसर है।
भारत की चुनौती शूटिंग, एथलेटिक्स, कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, कबड्डी, हॉकी, तीरंदाजी समेत कई खेलों में होगी।
अब शुरू होगी पदकों की असली जंग
उद्घाटन समारोह में तिरंगे के साथ भारतीय दल की तस्वीर ने देशवासियों का ध्यान खींचा, लेकिन अब असली चुनौती मैदान में होगी। भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग खेलों में पदक के लिए उतरेंगे और पिछले एशियन गेम्स के रिकॉर्ड प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
नागोया में तिरंगे की अगुआई मनु भाकर और पवन सेहरावत ने कर दी है। अब नजरें उन खिलाड़ियों पर हैं जो आने वाले दिनों में पोडियम पर भारत का तिरंगा ऊंचा करने उतरेंगे।