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‘लाडकी बहिन’ के लिए SC-ST फंड डायवर्ट? ₹4,601 करोड़ को लेकर VBA का सरकार पर हमला

by Admin
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महाराष्ट्र में ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन’ योजना के लिए अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए निर्धारित फंड के कथित इस्तेमाल को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के राज्य अध्यक्ष राजेंद्र पटोडे ने आरोप लगाया है कि SC और ST समुदायों के विकास के लिए निर्धारित ₹4,601.13 करोड़ की राशि को लाडकी बहिन योजना के लिए डायवर्ट किया गया है।

मुंबई: महाराष्ट्र में ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन’ योजना के लिए अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए निर्धारित फंड के कथित इस्तेमाल को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के राज्य अध्यक्ष राजेंद्र पटोडे ने आरोप लगाया है कि SC और ST समुदायों के विकास के लिए निर्धारित ₹4,601.13 करोड़ की राशि को लाडकी बहिन योजना के लिए डायवर्ट किया गया है।

VBA ने सरकार से इस राशि को तत्काल सामाजिक न्याय विभाग और जनजातीय विकास विभाग में वापस करने तथा लाडकी बहिन योजना के लिए अलग बजटीय प्रावधान करने की मांग की है। हालांकि, ₹4,601.13 करोड़ के कथित डायवर्जन के आरोप की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि इस खबर के लिए उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर नहीं हुई है।

SC मद से ₹3,594.03 करोड़ डायवर्ट करने का दावा

राजेंद्र पटोडे के अनुसार, अनुसूचित जाति मद से ₹3,594.03 करोड़ की राशि लाडकी बहिन योजना में इस्तेमाल के लिए स्थानांतरित की गई। उन्होंने अलग-अलग चरणों में राशि ट्रांसफर किए जाने का दावा किया है।

VBA के मुताबिक, इस कथित ट्रांसफर में ₹344.30 करोड़, ₹98.45 करोड़, ₹344.74 करोड़ की दो किश्तें और ₹689.48 करोड़ जैसी राशियां शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि उसके पास इस फंड के तारीखवार, विभागवार और योजनावार इस्तेमाल से संबंधित विस्तृत जानकारी मौजूद है।

ST मद से ₹1,007.10 करोड़ का आरोप

VBA अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि अनुसूचित जनजाति यानी आदिवासी मद से भी ₹1,007.10 करोड़ की राशि स्थानांतरित की गई।

SC मद के कथित ₹3,594.03 करोड़ और ST मद के ₹1,007.10 करोड़ को मिलाकर कुल रकम ₹4,601.13 करोड़ बताई जा रही है।

VBA का आरोप है कि यह राशि SC-ST समुदायों के विकास के लिए निर्धारित थी और इसका इस्तेमाल शिक्षा, छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य, पेयजल तथा दलित-आदिवासी बस्तियों के विकास जैसी योजनाओं में किया जाना चाहिए था।

‘लाडकी बहिन’ के लिए अलग फंड की व्यवस्था करे सरकार

राजेंद्र पटोडे ने सरकार से मांग की है कि ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना के लिए अलग से बजट की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि किसी अन्य कल्याणकारी योजना को चलाने के लिए SC-ST समुदायों के विकास के लिए निर्धारित बजट का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

VBA के मुताबिक, अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में लोग अपने अधिकारों और सरकारी सहायता के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में उनके लिए निर्धारित बजट को दूसरी योजना में इस्तेमाल किए जाने का आरोप गंभीर चिंता का विषय है।

‘सरकार बताए पैसा किस मद से और क्यों ट्रांसफर हुआ?’

इस पूरे विवाद में अब सरकार की ओर से स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण हो गया है। VBA ने मांग की है कि सरकार यह स्पष्ट करे कि ₹4,601.13 करोड़ की राशि किस बजट मद से, किस आदेश के तहत और किस उद्देश्य से स्थानांतरित की गई।

अगर सरकार के आधिकारिक दस्तावेज VBA के दावे की पुष्टि करते हैं, तो फंड के इस्तेमाल और उसे वापस किए जाने को लेकर आगे बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो सकता है। वहीं सरकार का पक्ष सामने आने के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि राशि का वास्तविक बजटीय स्वरूप क्या था और क्या इसे कानूनी एवं वित्तीय नियमों के तहत स्थानांतरित किया गया।

सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

VBA ने इस मुद्दे पर सरकार को चेतावनी भी दी है। राजेंद्र पटोडे ने कहा कि यदि कथित रूप से डायवर्ट की गई राशि को सामाजिक न्याय विभाग और जनजातीय विकास विभाग में वापस नहीं किया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।

VBA ने जरूरत पड़ने पर सामाजिक न्याय मंत्री और जनजातीय विकास मंत्री के आवास तक मार्च निकालने की बात कही है। संगठन ने यह भी कहा है कि सड़क पर आंदोलन के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।

पहले भी SC फंड को लेकर उठ चुके हैं सवाल

महाराष्ट्र में SC कल्याण निधि के दूसरी योजनाओं में इस्तेमाल को लेकर इससे पहले भी राजनीतिक विवाद सामने आए हैं। जुलाई 2026 में VBA ने वारी से संबंधित एक सहायता राशि को लेकर भी सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि SC कल्याण निधि का इस्तेमाल अन्य उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है।

ऐसे में ₹4,601.13 करोड़ के कथित डायवर्जन का नया आरोप महाराष्ट्र की राजनीति में सामाजिक न्याय, बजट आवंटन और SC-ST अधिकारों से जुड़े मुद्दे को फिर से केंद्र में ला सकता है।

अब सरकार के जवाब पर नजर

VBA के आरोपों के बाद अब निगाहें महाराष्ट्र सरकार के आधिकारिक जवाब पर हैं। सबसे अहम सवाल यही है कि क्या SC-ST के लिए निर्धारित राशि वास्तव में ‘लाडकी बहिन’ योजना के लिए स्थानांतरित की गई थी? यदि हां, तो इसके लिए कौन-सा बजटीय और प्रशासनिक प्रावधान इस्तेमाल किया गया?

फिलहाल VBA ने ₹4,601.13 करोड़ वापस करने और लाडकी बहिन योजना के लिए अलग फंड उपलब्ध कराने की मांग को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। सरकार के जवाब और संबंधित बजट दस्तावेज सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।

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