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झारखंड में छात्र आंदोलन पर सियासत तेज, मंत्री इरफान अंसारी बोले- ‘पानी का फव्वारा छोड़ा, बच्चे डांस कर रहे थे’

by Admin
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Ranchi Student Protest: झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग के साथ वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई के बाद जहां छात्र संगठनों ने सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं, वहीं झारखंड सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता इरफान अंसारी ने सरकार की कार्रवाई का बचाव किया है।

मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड सरकार संवेदनशील सरकार है और छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए किसी तरह की कठोर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कई बैरिकेड तोड़े गए और पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट हुई, लेकिन सरकार ने संयम बरता क्योंकि आंदोलन करने वाले छात्र उनके अपने बच्चे हैं।

‘वाटर कैनन नहीं, पानी का फव्वारा छोड़ा था’

प्रदर्शन के दौरान वाटर कैनन के इस्तेमाल पर मंत्री इरफान अंसारी का बयान चर्चा में है। उन्होंने वाटर कैनन की कार्रवाई को ‘पानी का फव्वारा’ बताते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने इसका सामना किया और वे डांस करते हुए नजर आए।

उनका कहना था कि सरकार ने छात्रों के खिलाफ कोई बड़ी या कठोर कार्रवाई नहीं की। मंत्री के इस बयान पर विपक्ष और छात्र संगठनों की ओर से सवाल उठाए जाने की संभावना है, क्योंकि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन, आंसू गैस और लाठीचार्ज किए जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं।

‘एक-दो नहीं, चार बैरिकेड तोड़े गए’

इरफान अंसारी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने एक के बाद एक कई बैरिकेड तोड़े। उन्होंने दावा किया कि चार स्तर की बैरिकेडिंग तोड़े जाने के बावजूद सरकार ने संयम बनाए रखा।

मंत्री ने कहा कि पुलिस को पीटे जाने की स्थिति में भी सरकार ने इसलिए सख्त कदम नहीं उठाया, क्योंकि प्रदर्शन में शामिल ज्यादातर छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और उनकी अधिकांश मांगों को स्वीकार किया जा चुका है।

JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच की मांग पर क्या बोले मंत्री?

छात्र आंदोलन की प्रमुख मांगों में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से कराने की मांग शामिल है।

इस मांग पर इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की करीब 95 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, लेकिन CGL परीक्षा की CBI जांच के मामले में सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से बंधी हुई है।

मंत्री ने कहा कि CGL परीक्षा का रिजल्ट सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के आधार पर जारी किया गया है। ऐसे में राज्य सरकार अपने स्तर पर CBI जांच का आदेश नहीं दे सकती।

उनके मुताबिक, “हम सुप्रीम कोर्ट से बड़े नहीं हैं।” इसलिए इस मामले में सरकार के सामने कानूनी सीमाएं हैं।

बीजेपी पर आंदोलन में घुसपैठ का आरोप

मंत्री इरफान अंसारी ने छात्र आंदोलन के बीच बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों का आंदोलन शांतिपूर्ण था, लेकिन इसमें बीजेपी से जुड़े कुछ ‘असामाजिक तत्व’ घुस गए थे।

उन्होंने दावा किया कि इन लोगों की वजह से स्थिति बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया था। पुलिस ने समय रहते उन्हें नियंत्रित किया, जिससे किसी बड़ी घटना को टाला जा सका।

हालांकि, बीजेपी की ओर से लगाए गए या लगाए जाने वाले इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। छात्र संगठनों की ओर से भी आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

छात्रों से बोले- ‘किसी के बहकावे में मत आइए’

मंत्री ने आंदोलन कर रहे छात्रों से प्रदर्शन समाप्त करने और सरकार पर भरोसा रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि छात्र किसी के बहकावे में न आएं और सरकार के साथ बातचीत के जरिए अपनी मांगें रखें।

इरफान अंसारी ने छात्रों से कहा कि वे सरकार को अपना समझें, क्योंकि मौजूदा सरकार को बनाने में युवाओं और छात्रों की भी भूमिका रही है। उन्होंने आंदोलनकारियों से भूख हड़ताल नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, “जान है तो जहान है।”

‘सरकार युवाओं के साथ है’

इरफान अंसारी ने मुख्यमंत्री का बचाव करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवाओं और छात्रों के मुद्दों को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने छात्रों से विश्वास बनाए रखने की अपील की।

मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के साथ है और उनकी समस्याओं का समाधान करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की हिंसा से छात्रों की मांग कमजोर हो सकती है।

छात्र आंदोलन का मुद्दा क्या है?

झारखंड में छात्र लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। JSSC-CGL परीक्षा और उसके परिणाम को लेकर भी छात्रों के बीच असंतोष है। आंदोलनकारी छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

छात्रों का एक वर्ग CGL मामले की जांच CBI से कराने की मांग पर भी अड़ा हुआ है। दूसरी ओर, राज्य सरकार का कहना है कि परीक्षा और रिजल्ट से जुड़े मामलों में न्यायालय के आदेशों और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।

रांची में हुए ताजा प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद अब यह मामला राजनीतिक मुद्दा भी बनता जा रहा है। एक तरफ सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत और समाधान का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ प्रदर्शनकारी छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

अब सवाल सरकार और छात्रों दोनों के सामने

रांची में हुए घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार और छात्र संगठनों के बीच बातचीत से क्या कोई स्थायी समाधान निकल पाएगा? छात्रों की CBI जांच की मांग, परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर आने वाले दिनों में विवाद और बढ़ सकता है।

फिलहाल सरकार छात्रों से आंदोलन समाप्त करने की अपील कर रही है, जबकि छात्र अपनी मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई चाहते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।

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