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दीक्षाभूमि के विकास को लेकर महाराष्ट्र सरकार का बड़ा ऐलान, तीन वर्षों में होगा कायाकल्प

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मंत्री ने कहा कि अंतिम स्वीकृति के बाद अगले तीन वर्षों में दीक्षाभूमि का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बौद्ध तीर्थ एवं सांस्कृतिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

नागपुर | विशेष रिपोर्ट : महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं नागपुर के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने विश्व प्रसिद्ध दीक्षाभूमि के विकास को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दीक्षाभूमि के समग्र विकास के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। यह मसौदा जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा और दीक्षाभूमि से जुड़े सभी प्रमुख पक्षों से सुझाव लेने के बाद अंतिम रूप देकर विकास कार्य शुरू किए जाएंगे।

बावनकुळे ने स्पष्ट किया कि दीक्षाभूमि ट्रस्ट से जुड़े विवादों में सरकार की कोई भूमिका नहीं है, लेकिन डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की ऐतिहासिक धम्मदीक्षा स्थली के विकास को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में इस विकास योजना का प्रारूप तैयार किया गया है।

तीन वर्षों में बदलेगी दीक्षाभूमि की तस्वीर

मंत्री ने कहा कि अंतिम स्वीकृति के बाद अगले तीन वर्षों में दीक्षाभूमि का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य इस स्थल को अंतरराष्ट्रीय स्तर के बौद्ध तीर्थ एवं सांस्कृतिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

सभी हितधारकों से ली जाएगी राय

सरकार ने स्पष्ट किया है कि विकास योजना को लागू करने से पहले इसे दीक्षाभूमि से जुड़े सभी मान्यवरों, ट्रस्ट प्रतिनिधियों एवं संबंधित पक्षों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद ही अंतिम मास्टर प्लान लागू किया जाएगा।

क्या हो सकता है विकास योजना में?

हालांकि सरकार ने अभी विस्तृत मास्टर प्लान सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन योजना का उद्देश्य दीक्षाभूमि परिसर को अधिक सुव्यवस्थित, सुविधाजनक और विश्वस्तरीय बनाना बताया जा रहा है। अंतिम स्वरूप सार्वजनिक होने के बाद ही परियोजना के विभिन्न घटकों की आधिकारिक जानकारी सामने आएगी।

सरकार का उद्देश्य

बावनकुळे के अनुसार, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की धम्मदीक्षा स्थली के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सरकार ऐसी विकास योजना लागू करना चाहती है, जिससे इसकी मूल पहचान और गरिमा सुरक्षित रहे तथा श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हों।

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