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‘ऑपरेशन फडणवीस’ का दावा: आदित्य ठाकरे बोले- CM को कमजोर करने की साजिश, नितिन गडकरी और शिवराज का दिया उदाहरण

by Admin
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मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अब ‘ऑपरेशन देवेंद्र फडणवीस’ चलाया जा रहा है, जिसका मकसद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को राजनीतिक रूप से कमजोर करना है। आदित्य का कहना है कि उनकी पार्टी को हुए हालिया दलबदल भी इसी बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं।

हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे केंद्र के कुछ वरिष्ठ भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रहे हैं, ताकि भविष्य में देवेंद्र फडणवीस की राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती संभावनाओं को सीमित किया जा सके।

‘यह फडणवीस का आखिरी विधानसभा सत्र हो सकता है’

एक इंटरव्यू में आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि भविष्य में देवेंद्र फडणवीस को केंद्रीय मंत्रिमंडल में भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा विधानसभा सत्र मुख्यमंत्री के रूप में उनका आखिरी सत्र साबित हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एकनाथ शिंदे दोबारा मुख्यमंत्री बनने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।

नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान का दिया उदाहरण

अपने आरोपों को मजबूत करने के लिए आदित्य ठाकरे ने भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का उदाहरण दिया। उनका दावा है कि जब नितिन गडकरी तीसरी बार भाजपा अध्यक्ष बनने की ओर बढ़ रहे थे, तब उनके खिलाफ विभिन्न विवाद सामने आए। वहीं शिवराज सिंह चौहान को लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद राज्य की राजनीति से हटाकर केंद्र की जिम्मेदारी दी गई। आदित्य ने कहा कि इसी तरह की राजनीतिक रणनीति अब देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ अपनाई जा रही है।

दलबदल के पीछे पैसे का भी लगाया आरोप

आदित्य ठाकरे ने दलबदल के पीछे आर्थिक प्रलोभन दिए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे वीडियो और सार्वजनिक रूप से सामने आए दृश्य हैं, जिनमें कुछ नेताओं पर पैसों के लेन-देन के आरोप लगे हैं। उनका दावा है कि कई नेताओं ने पार्टी बदलने के बाद कम समय में महंगे फ्लैट, लग्जरी कारें और अन्य संपत्तियां खरीदी हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर राजनीतिक दल बदलने के तुरंत बाद कुछ नेताओं की आर्थिक स्थिति में इतनी तेज़ी से बदलाव कैसे आ जाता है।

महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ी सियासी गर्मी

आदित्य ठाकरे के इन आरोपों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ शिवसेना (यूबीटी) इसे सुनियोजित राजनीतिक अभियान बता रही है, तो दूसरी ओर सत्ताधारी गठबंधन की ओर से इन आरोपों को खारिज किए जाने की संभावना है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राज्य की राजनीति और अधिक गरमा सकती है।

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