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RE-NEET में सॉल्वर गैंग का बड़ा खुलासा: 30-40 लाख में परीक्षा देने की डील, 5 मेडिकल छात्र समेत 24 गिरफ्तार

by Admin
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पटना/लखीसराय: NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद रविवार को आयोजित री-NEET परीक्षा के दौरान बिहार के लखीसराय में एक बड़े सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए मेडिकल छात्रों से 30 से 40 लाख रुपये तक की डील तय की गई थी।

इस मामले में पुलिस ने गैंग के सरगना अर्पित राज समेत कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में PMCH, गया मेडिकल कॉलेज, AIIMS रायबरेली और BHU के पांच मेडिकल छात्र तथा बायोमेट्रिक जांच करने वाली कंपनी के 14 कर्मचारी शामिल हैं।

लखीसराय पुलिस ने राजकीय उच्च विद्यालय हसनपुर, KRK हायर सेकेंडरी स्कूल और केंद्रीय विद्यालय परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी कर आरोपियों को दबोचा। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार गैंग के सरगना अर्पित राज का नाम इससे पहले भी NEET से जुड़े विवादों में सामने आ चुका है। वर्ष 2024 के NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) उससे कई बार पूछताछ कर चुकी है।

पुलिस ने लखीसराय से नौ संदिग्ध ‘मुन्ना भाइयों’ को भी गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी KRK विद्यालय, सात केंद्रीय विद्यालय और एक हसनपुर परीक्षा केंद्र से पकड़ा गया। सभी संदिग्ध लखीसराय के निवासी बताए जा रहे हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि हाजीपुर निवासी और PMCH के मेडिकल छात्र मयंक ने बायोमेट्रिक कंपनी के कर्मचारियों से मिलीभगत कर खुद को कर्मचारी बताकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया था। हालांकि, पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। मयंक से पूछताछ के बाद पूरे सॉल्वर गैंग का नेटवर्क सामने आ गया।

गौरतलब है कि मेडिकल छात्रों को सॉल्वर बनने से रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में परीक्षा के दौरान दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक सेमिनार और क्विज का आयोजन कर उनकी उपस्थिति अनिवार्य की थी। इसके बावजूद PMCH का एक छात्र कथित तौर पर सॉल्वर के रूप में पकड़ा गया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

उधर, देशभर के 5,400 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित री-NEET परीक्षा के पेपर को लेकर छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। विशेषज्ञों के अनुसार, फिजिक्स का पेपर सबसे कठिन और लंबा था, जिससे अभ्यर्थियों के औसत स्कोर में 10 से 20 अंकों तक की गिरावट आ सकती है। वहीं, केमिस्ट्री का स्तर सामान्य और बायोलॉजी अपेक्षाकृत आसान रही। विशेषज्ञों का मानना है कि कठिन फिजिक्स पेपर के कारण इस बार कट-ऑफ में 10 से 15 अंकों तक की कमी देखने को मिल सकती है।

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