Home » मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने दिल्ली में आग की घटना पर उठाए सवाल

मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने दिल्ली में आग की घटना पर उठाए सवाल

by Admin
0 comments 21 views

दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड पर बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी पर सवाल खड़े किए।आकाश आनंद ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस भरोसे की भी चूक है जो आम नागरिक अपनी सरकार और व्यवस्था पर करता है। उन्होंने कहा कि लोगों की मांग सिर्फ संवेदना या मुआवजे तक सीमित नहीं है, बल्कि वे यह सुनिश्चित देखना चाहते हैं कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

लखनऊ: दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को एक होटल के रेस्टोरेंट में आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है। रिपोर्ट के मतुाबिक, हादसे में करीब 21 लोगों की मौत हो गई है। इस भीषण आग के बाद बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन सवालों की याद दिलाने वाली घटना है जो पिछले कई दशकों से दिल्ली में आग से होने वाली घटनाओं के बाद उठते रहे हैं।

आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर जारी अपने पोस्ट में कहा कि मालवीय नगर अग्निकांड में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति और उनके परिवार के साथ उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके दर्द की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन इस कठिन समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।


हर बार वही सवाल उठते हैं’
बसपा नेता ने कहा कि कोई भी हादसा पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, लेकिन कुछ दुर्घटनाएं ऐसी होती हैं जिनकी कहानी पहले भी कई बार सुनाई जा चुकी होती है। उन्होंने उपहार सिनेमा हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली ने आग से होने वाली त्रासदियों का सिलसिला बार-बार देखा है।
आकाश आनंद ने लिखा कि हर हादसे के बाद वही सवाल उठते हैं, लेकिन उनके जवाब अधूरे रह जाते हैं। उनका कहना था कि यह स्थिति सबसे अधिक पीड़ादायक है क्योंकि ऐसी घटनाओं से सबक लेने के बावजूद व्यवस्थागत सुधार पर्याप्त रूप से नहीं हो पाए हैं।

अपने पोस्ट में आकाश आनंद ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की जिम्मेदारी किसी एक राजनीतिक दल पर नहीं डाली जा सकती। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अलग-अलग समय पर कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकारें रही हैं तथा नगर निगम का संचालन भी इन दलों के पास रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद फायर सेफ्टी के बुनियादी नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करना किसी भी सरकार की प्राथमिकता नहीं बन सका। उनके अनुसार, बिना मंजूरी के रेस्टोरेंट संचालित होते रहे, अनाधिकृत निर्माण जारी रहे और निगरानी की जिम्मेदारी निभाने वाली एजेंसियां अपनी भूमिका ठीक से नहीं निभा सकीं।

‘यह सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं’
आकाश आनंद ने कहा कि यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस भरोसे की भी चूक है जो आम नागरिक अपनी सरकार और व्यवस्था पर करता है। उन्होंने कहा कि लोगों की मांग सिर्फ संवेदना या मुआवजे तक सीमित नहीं है, बल्कि वे यह सुनिश्चित देखना चाहते हैं कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

सुरक्षा को प्राथमिकता बनाने की अपील
बसपा नेता ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए राजनीतिक दलों और सरकारों को चुनावी राजनीति से ऊपर उठकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि सभी दल मिलकर फायर सेफ्टी और शहरी सुरक्षा को प्राथमिकता बनाएं, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती है। उन्होंने इसे हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और संवेदना बताया।

You may also like

Leave a Comment