नई दिल्ली: लोकसभा में शुक्रवार को विपक्षी सदस्यों ने 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम को लागू करने से पहले इसमें संशोधन संबंधी विधेयक लाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा और स्पष्टीकरण की मांग की। सदन में आवश्यक कागजात पटल पर रखे जाने के तत्काल बाद कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने गुरुवार रात करीब 10 बजे विधि मंत्रालय की ओर से जारी एक अधिसूचना का विषय उठाया। उन्होंने कहा कि अधिनियम को अधिसूचित किए बिना मंत्री संशोधन कैसे ले आए?
संसद में विपक्ष ने उठाया मुद्दा
डीएमके सांसद कनिमोझि ने भी मूल अधिनियम को अधिसूचित करने के बाद संशोधन विधेयक पर चर्चा कराने को लेकर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने कल रात 10 बजे अधिनियम अधिसूचित किया है। इस पर अब चर्चा कैसे हो सकती है। विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा में मौजूद कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से स्पष्टीकरण मांगा।
महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 लागू, नोटिफिकेशन जारी
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 को गुरुवार रात नोटिफाई कर दिया गया। जिससे संसद में प्रस्तावित संशोधन को क्रियान्वित किया जा सके। एक अधिकारी ने बताया कि इस कानून को लागू करना आवश्यक था, क्योंकि इसके बिना प्रस्तावित संशोधन प्रभावी नहीं हो सकता था।
अधिकारियों ने बताया क्या है नियम
हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया। अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि घोषित करती है जिस दिन से इस अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे।
सितंबर 2023 में पारित हुआ नारी शक्ति वंदन अधिनियम
सितंबर 2023 में, संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण अधिनियम के रूप में जाना जाता है, जो विधायी निकायों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। 2023 के कानून के तहत, आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने से जुड़ा हुआ है। लोकसभा में वर्तमान में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, उन्हें सरकार की ओर से इसलिए लाया गया है ताकि 2029 में महिला आरक्षण लागू किया जा सके।इस बीच, अधिकारियों ने कहा कि हालांकि अधिनियम लागू हो चुका है, लेकिन वर्तमान सदन में आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता क्योंकि इसे अगली जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकता है।