Home » दिल्ली में मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, जंगल में मिला शव

दिल्ली में मासूम से दरिंदगी के बाद हत्या, जंगल में मिला शव

by Admin
0 comments 53 views

दिल्ली के महरौली इलाके में 10 साल की बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, 25 वर्षीय टैक्सी ड्राइवर बबलू ने बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया. परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से महज चार घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

दिल्ली के महरोली में किडनैपिंग, रेप और हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. दिल्ली में 10 साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या कर दी गई है. सोमवार की सुबह 10 साल की मासूम नाबालिग बच्ची को टैक्सी ड्राइवर ने किडनैप किया था. इसके बाद उसने बच्ची का रेप किया. बच्ची के साथ दरिंदगी को अंजाम देने के बाद आरोपी ड्राइवर ने बच्ची की हत्या कर दी और लाश को महरौली के जंगलों में ठिकाने लगा दिया.

दरअसल, यह घटना दिल्ली की है. पुलिस ने बच्ची की लाश को बरामद कर लिया है. आरोपी टैक्सी ड्राइवर का नाम आरोपी का नाम बबलू है और उसकी उम्र 25 साल है. परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. रिपोर्ट दर्ज होने के बाद महरौली थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से महज 4 घंटे के अंदर आरोपी टैक्सी ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस को 22 जून की सुबह लगभग 5 बजे PCR कॉल के जरिए पीड़ित परिवार ने जानकारी दी कि बच्ची अगवा हो गई है. इसके बाद पुलिस ने सैकड़ों सीसीटीवी खंगाला और आरोपी तक पहुंची. पुलिस ने जब आरोपी को अरेस्ट कर उससे पूछताछ की, तब जाकर उसने हैवानियत की बात कबूली. आरोपी ने कबूला कि उसने बच्ची को फुटपाथ से उठाया था और गुरुग्राम के जंगल में ले जाकर उसने हैवानियत की.

आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने बच्ची को सीडीआर चौक से किडनैप किया. बच्ची फुटपाथ पर थी. आरोपी एप बेस्ड कैब चलाता है. पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार सड़क पर सोता था. बच्ची गुब्बारा बगैरह बेचती थी. माता पिता दिहाड़ी मजदूर हैं. माता-पिता के चार बच्चे हैं, जिसमें ये 10 साल की बच्ची भी थी.

पीड़ित परिवार मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. परिवार पहले किराए पर रहता था. फिर घर छूट गया तो फुटपाथ पर रहने लगे सब. आरोपी भी बिहार का रहने वाला है. उसके ऊपर पहले से कुछ मुकदमे दर्ज हैं. पीड़ित परिवार और आरोपी पहले से एक दूसरे को नहीं जानते हैं.

You may also like

Leave a Comment