नई दिल्ली/लखनऊ: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन शुक्रवार को कई राज्यों में देखने को मिला। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, उन्हें पद से हटाने और उनके कार्यकाल में हुए फैसलों तथा मतदाता सूची में हुए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग को लेकर राज्य निर्वाचन आयोगों के कार्यालयों की ओर मार्च का आह्वान किया था।
लखनऊ में सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई।
कांग्रेस का यह प्रदर्शन देशभर में चलाए जा रहे विरोध कार्यक्रम का हिस्सा है। पार्टी का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से जुड़े गंभीर सवालों का जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए।
दिल्ली में जंतर-मंतर को लेकर तनाव
दिल्ली में भी चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की खबरें सामने आई हैं।
इसी बीच जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर प्रदर्शनकारियों की ओर से दावा किया गया कि इलाके में दिल्ली पुलिस के साथ RAF और BSF की भी तैनाती की गई और बड़ी संख्या में बैरिकेड लगाकर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई।
प्रदर्शन से जुड़े लोगों का आरोप है कि जंतर-मंतर पर भीड़ जुटने से रोकने के लिए व्यापक घेराबंदी की गई और कुछ लोगों को पुलिस बसों में बैठाकर वहां से हटाया गया। इन दावों, खासकर BSF की तैनाती और लोगों को घसीटकर ले जाने की बात की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हो सकी है।
कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने 25 सितंबर के प्रदर्शन के लिए अपनी प्रदेश इकाइयों को राज्य निर्वाचन आयोगों के कार्यालयों तक मार्च निकालने का निर्देश दिया था। पार्टी की प्रमुख मांगों में—
- CEC ज्ञानेश कुमार को तत्काल पद से हटाना,
- उनकी गिरफ्तारी की मांग,
- उनके कार्यकाल में हुए चुनावी फैसलों और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा शामिल है।
कांग्रेस ने 28 सितंबर को जिला कांग्रेस कमेटियों के स्तर पर भी जिला कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च आयोजित करने की योजना बनाई है।
SIR विवाद के बीच बढ़ा टकराव
यह पूरा विवाद मतदाता सूचियों के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सामने आए सवालों के बीच तेज हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर अधिकारियों के बीच कुछ मुद्दों पर लिखित आपत्तियों का दावा किया गया था। इसके बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने इसी पृष्ठभूमि में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन तेज किया है। दूसरी ओर, चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे विपक्ष के आरोपों पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
CJP ने भी दिया है 48 घंटे का अल्टीमेटम
कांग्रेस के प्रदर्शन से अलग कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी 24 सितंबर को ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। CJP ने 48 घंटे में इस्तीफा नहीं देने पर देशव्यापी आंदोलन और दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ जैसे विरोध की चेतावनी दी है।
इस तरह एक ही समय में कांग्रेस और अन्य संगठनों की ओर से चुनाव आयोग तथा CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर विरोध तेज हो गया है। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन ने इस विवाद को और प्रमुख बना दिया है।