समारोह के दौरान भगवान बुद्ध की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इसके पश्चात त्रिशरण एवं पंचशील का सामूहिक वाचन हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। पूरा वातावरण बुद्ध वंदना, मैत्री और करुणा के संदेश से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
टेक्सास (अमेरिका): भारत के महान राष्ट्रनिर्माता, भारतीय संविधान के शिल्पकार और बौद्ध धम्म के पुनर्जागरण के अग्रदूत डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के समता, करुणा और मानवता पर आधारित विचार अब विश्वभर में नई पहचान बना रहे हैं। इसी दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। अमेरिका के टेक्सास राज्य में पहले भारतीय महाबोधि महाविहार का भव्य उद्घाटन दिनांक चार जुलाई को संपन्न हुआ । यह महाविहार केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय बौद्ध संस्कृति, धम्म, सामाजिक समरसता और वैश्विक मानव कल्याण का नया केंद्र बनने की ओर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उद्घाटन समारोह में भारत और अमेरिका से बड़ी संख्या में बौद्ध अनुयायी, सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि तथा स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। समारोह की गरिमा को बढ़ाते हुए महाबोधि सोसाइटी, बेंगलुरु से भंते कस्सप महाथेरो, भंते आनंद और भंते सुमेध ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं टेक्सास के मेयर डेलॉन हेड्रिक भी इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।

समारोह के दौरान भगवान बुद्ध की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इसके पश्चात त्रिशरण एवं पंचशील का सामूहिक वाचन हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। पूरा वातावरण बुद्ध वंदना, मैत्री और करुणा के संदेश से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

गौरतलब है कि डॉ. बाबासाहब आंबेडकर ने बौद्ध धम्म को केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और मानव गरिमा का जीवन-दर्शन बताया था। ऐसे में अमेरिका में भारतीय महाबोधि महाविहार की स्थापना को उनके विचारों के वैश्विक विस्तार और बौद्ध धम्म के अंतरराष्ट्रीय प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार यह महाविहार भविष्य में ध्यान साधना, धम्म शिक्षा, बौद्ध अध्ययन, सांस्कृतिक गतिविधियों, युवा प्रशिक्षण और सामाजिक सेवा का प्रमुख केंद्र बनेगा। साथ ही अमेरिका में रहने वाली नई पीढ़ी को भगवान बुद्ध और डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के विचारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

अमेरिका की धरती पर पहले भारतीय महाबोधि महाविहार का उद्घाटन भारतीय बौद्ध समाज के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। यह केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि बुद्ध के शांति, करुणा और समता के संदेश तथा बाबासाहब आंबेडकर के सामाजिक परिवर्तन के मिशन को वैश्विक स्तर पर नई ऊर्जा प्रदान करने वाला ऐतिहासिक अध्याय माना जा रहा है।