Home » संजय आजाद मामले में CJP के प्रदर्शन के बाद FIR में SC/ST एक्ट की धारा जुड़ी, 72 घंटे में कार्रवाई का भरोसा

संजय आजाद मामले में CJP के प्रदर्शन के बाद FIR में SC/ST एक्ट की धारा जुड़ी, 72 घंटे में कार्रवाई का भरोसा

by Admin
0 comments 20 views

घटना को लेकर संजय आजाद ने अपना पक्ष भी सामने रखा है। उन्होंने कहा कि वे अन्याय और सरकार के खिलाफ आवाज उठाते समय ‘जय भीम’ के नारे लगाते हैं और कुछ लोगों को इस नारे से परेशानी होती है।

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान संजय आजाद पर हुए कथित हमले का मामला अब और तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर शुक्रवार को CJP कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन और पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में SC/ST एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ने पर सहमति जताई। प्रदर्शनकारियों को आरोपी के खिलाफ आगे कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया।

यह विवाद उस समय फिर तेज हुआ जब सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज के एक पुराने इंटरव्यू/पॉडकास्ट की क्लिप वायरल हुई। CJP का आरोप है कि इस वीडियो में भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर हुए विवाद के दौरान संजय आजाद के साथ मारपीट करने की बात कही थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। भारद्वाज ने दूसरी ओर घटना को आत्मरक्षा बताते हुए कहा है कि वह खुद भीड़ से घिर गए थे और इसी दौरान संजय को चोट लगी।

संजय आजाद ने कहा- ‘कुछ लोगों को जय भीम के नारे से दिक्कत’

घटना को लेकर संजय आजाद ने अपना पक्ष भी सामने रखा है। उन्होंने कहा कि वे अन्याय और सरकार के खिलाफ आवाज उठाते समय ‘जय भीम’ के नारे लगाते हैं और कुछ लोगों को इस नारे से परेशानी होती है।

संजय के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान इसी माहौल में उन पर अचानक हमला किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके सिर पर चोट लगी और इसके बाद उन्होंने संसद मार्ग थाने में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पीड़ित को न्याय देने के बजाय पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रही है।

संजय ने यह भी दावा किया कि स्वतंत्र भारद्वाज उन्हें सोशल मीडिया के जरिए पहले से जानते थे। उनके मुताबिक, प्रदर्शन में बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर और ‘जय भीम’ के नारे को लेकर माहौल बना हुआ था और इसी दौरान उन पर हमला किया गया।

CJP ने संसद मार्ग थाने का किया घेराव

संजय आजाद के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर CJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, एफआईआर में अतिरिक्त धाराएं जोड़ना और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करना शामिल था।

प्रदर्शन के दौरान ‘दिल्ली पुलिस न्याय करो’ जैसे नारे भी लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि घटना के बाद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई और वायरल वीडियो सामने आने के बावजूद आरोपी के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं की गई।

प्रदर्शन में CJP नेताओं के साथ आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद और अन्य राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे। प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई की मांग की।

पुलिस ने FIR में SC/ST एक्ट जोड़ा

प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में SC/ST एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग स्वीकार कर ली। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ आगे कार्रवाई का भरोसा भी दिया गया और 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की बात सामने आई।

हालांकि, यह भी महत्वपूर्ण है कि पुलिस ने घटना और चोट को लेकर अपना अलग पक्ष रखा है। नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा के मुताबिक, संजय के सिर में चोट कथित हाथापाई के दौरान एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से लगी थी। पुलिस ने RML अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए चोट को ‘सिंपल’ बताया है और सिर में गंभीर फ्रैक्चर की खबरों को गलत बताया।

स्वतंत्र भारद्वाज का दावा- हमला नहीं, आत्मरक्षा थी

वहीं स्वतंत्र भारद्वाज ने घटना को लेकर अलग दावा किया है। उनके मुताबिक, जिस घटना को हमला बताया जा रहा है, वह आत्मरक्षा में उठाया गया कदम था। उनका कहना है कि उन्हें 10-15 लोगों ने घेर लिया था और उन्हें अपनी सुरक्षा का खतरा महसूस हो रहा था। उनके अनुसार, इसी दौरान संजय को चोट लगी।

इस तरह मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं और घटना की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।

राजनीतिक समर्थन भी बढ़ा

मामले के सामने आने के बाद यह विवाद केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। CJP की मांगों के समर्थन में कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता सामने आए। चंद्रशेखर आजाद ने भी थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। वहीं कांग्रेस की कानूनी टीम की ओर से भी आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं लगाने और गिरफ्तारी की मांग किए जाने की खबर है।

इससे पहले राहुल गांधी ने भी निशु आजाद और उनके परिवार के समर्थन में सामने आने की बात कही थी, जिसके बाद मामले को लेकर राजनीतिक दबाव और बढ़ गया।

अब जांच पर टिकी नजर

FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़े जाने के बाद अब पुलिस की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। जांच में पुलिस को घटना के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और वायरल वीडियो समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी होगी।

फिलहाल मामला आरोप, प्रत्यारोप और पुलिस जांच के बीच है। CJP और संजय आजाद जहां इसे गंभीर हमला और जातिगत पहलू से जुड़ा मामला बता रहे हैं, वहीं स्वतंत्र भारद्वाज इसे आत्मरक्षा की घटना बताते हैं। अब यह जांच और उपलब्ध साक्ष्य ही तय करेंगे कि घटना में वास्तव में क्या हुआ और किन धाराओं के तहत आगे कार्रवाई बनती है।

You may also like

Leave a Comment