नई दिल्ली। दिल्ली में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच आंदोलन और तेज होने के संकेत हैं। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 4 अक्टूबर को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक ‘Citizens’ March’ निकालने का ऐलान किया है।
नेहा बोरा ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि मार्च दोपहर 3 बजे इंडिया गेट से शुरू होकर जंतर-मंतर पहुंचेगा। पोस्ट में उन्होंने महिलाओं और पत्रकारों के साथ पुलिस कार्रवाई के आरोपों को मुद्दा बनाते हुए प्रदर्शन का आह्वान किया है।
‘महिलाएं सुरक्षित नहीं’ का लगाया आरोप
नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि हाल के प्रदर्शनों के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस ने दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
उनके पोस्ट में ‘Rise against Delhi Police’, ‘Rise against anti-women SIR’ और ‘Rise against Gyanesh Kumar’ जैसे नारे दिए गए हैं। उन्होंने इसे महिलाओं द्वारा सड़कों पर अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए आवाज उठाने की मुहिम के रूप में पेश किया है।
3 अक्टूबर को हिरासत में लिए गए थे कई प्रदर्शनकारी
यह मार्च ऐसे समय प्रस्तावित है जब 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई हुई थी। विभिन्न रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 150 से 160 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें नेहा बोरा, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और कपिल सिब्बल समेत कई लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR से जुड़े सवालों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
तीन महिला पत्रकारों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने रविवार को कहा कि उसे तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें मिली हैं और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट भेज दिया गया है। आरोपों की जांच अभी जारी है।
इसी मामले को लेकर पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से शिकायतों पर प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी प्रदर्शन
नागरिक मार्च का एक प्रमुख मुद्दा Special Intensive Revision (SIR) भी है। प्रदर्शनकारी आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं और वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग SIR को मतदाता सूची के सत्यापन और सुधार की प्रक्रिया बताता है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच 4 अक्टूबर का नागरिक मार्च दिल्ली में SIR, चुनावी प्रक्रिया और पुलिस कार्रवाई को लेकर चल रहे विरोध को आगे बढ़ाने वाला एक और कार्यक्रम बन गया है।