Home » एशियन गेम्स टीम से बाहर हुईं दिव्यांशी चौधरी, चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल

एशियन गेम्स टीम से बाहर हुईं दिव्यांशी चौधरी, चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल

by Admin
0 comments 23 views

कोटा/नई दिल्ली। जापान में होने वाले 2026 एशियन गेम्स से पहले भारतीय वुशु टीम के चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राजस्थान के कोटा की युवा वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी को टीम से बाहर किए जाने के बाद उन्होंने एक भावुक वीडियो जारी कर चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

दिव्यांशी का दावा है कि उन्होंने चयन ट्रायल के दौरान मजबूत प्रदर्शन किया था और उन्हें पहले एशियन गेम्स की टीम में शामिल भी किया गया था। उनका आरोप है कि बाद में अचानक उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया। उन्होंने चयन प्रक्रिया में पक्षपात का आरोप लगाते हुए अपनी नाराजगी और निराशा जाहिर की है।

ट्रायल और फिटनेस को लेकर विवाद

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दिव्यांशी ने दावा किया कि ट्रायल में उन्होंने मणिपुर की स्टार खिलाड़ी रोशिबिना देवी को दो बार हराया था। इसके बावजूद बाद में उन्हें फिटनेस का हवाला देकर टीम से बाहर कर दिया गया। दिव्यांशी के अनुसार, कंधे की चोट के बाद डॉक्टर ने उन्हें खेलने की अनुमति दी थी और उनकी मेडिकल रिपोर्ट कोच तथा फेडरेशन के पास मौजूद थी।

दूसरी ओर, वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से इसे नियमों के मुताबिक लिया गया फैसला बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार फेडरेशन ने भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि उसमें दिव्यांशी को फिट नहीं माना गया था। ऐसे में इस पूरे मामले में खिलाड़ी के दावे और फेडरेशन के पक्ष के बीच स्पष्ट मतभेद दिखाई दे रहा है।

तीन महीने कैंप में रहने के बाद बाहर होने का दावा

दिव्यांशी के पिता के अनुसार, उनकी बेटी का एशियन गेम्स के लिए चयन हो चुका था और वह करीब तीन महीने तक राष्ट्रीय कैंप में भी रही थीं। उन्होंने कैंप के दौरान चोट लगने को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

दिव्यांशी की खेल उपलब्धियों का भी उल्लेख रिपोर्टों में किया गया है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और 2024 जूनियर वर्ल्ड वुशु चैंपियनशिप में कांस्य तथा 2026 में रजत पदक जीतने की जानकारी सामने आई है।

भावुक वीडियो के बाद बढ़ी चिंता

टीम से बाहर किए जाने के बाद जारी वीडियो में दिव्यांशी बेहद भावुक नजर आईं और उन्होंने अपनी जिंदगी को लेकर बेहद चिंताजनक बात कही। उन्होंने अपने माता-पिता से भी माफी मांगी। इस बयान ने पूरे विवाद को सिर्फ खेल चयन के मुद्दे तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि खिलाड़ी के मानसिक दबाव और कल्याण को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि दिव्यांशी को तत्काल अपने परिवार, कोच और भरोसेमंद लोगों का साथ मिले तथा उनकी सुरक्षा और मानसिक स्थिति को प्राथमिकता दी जाए।

अब पारदर्शी जांच की मांग उठ सकती है

दिव्यांशी के आरोपों और फेडरेशन के मेडिकल आधार वाले पक्ष के बीच स्थिति स्पष्ट करने के लिए चयन प्रक्रिया, ट्रायल के परिणाम, मेडिकल रिपोर्ट और टीम चयन से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किए जाने की जरूरत है। इससे यह पता चल सकेगा कि खिलाड़ी को टीम से हटाने का फैसला किन निर्धारित मानकों के आधार पर लिया गया।

फिलहाल यह मामला खिलाड़ी के गंभीर आरोप बनाम फेडरेशन के फिटनेस संबंधी दावे का है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होने तक किसी भी पक्ष को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। लेकिन एक उभरती खिलाड़ी द्वारा सार्वजनिक रूप से इतनी गंभीर शिकायत किए जाने के बाद संबंधित खेल संस्थाओं से पारदर्शिता और स्पष्ट जवाब की अपेक्षा जरूर बढ़ गई है।

You may also like

Leave a Comment