ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठा पेशवा गुट के बीच 1818 में हुई लड़ाई की याद में हर साल एक जनवरी को बड़ी तादाद में लोग ‘जय स्तंभ’ पर एकत्र …
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बाबासाहब की अंतिम यात्रा के फिल्मांकण के लिए इस शख्स से मकान और प्रिन्टिंग प्रेस बेच दिया
by Admin8 viewsछह दिसम्बर 1956, महामानव भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर इनका महाप्रयाण दिवस… विषमता के खिलाफ… अन्याय के खिलाफ… आग उगलता हुआ ज्वालामुखी शान्त हो गया था… नौ करोड जनता एक क्षण …
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बाल ठाकरे के पिता प्रबोधनकार ठाकरे ने कहा था भारत के सभी मंदिर वास्तव में बुद्ध विहार है
by Admin3 viewsविशेष संवाद में सीनियर सोशल एक्टिविस्ट सुरेश खैरनार बताते है की किस तरह भारत के सभी प्राचीन मंदिर बुद्ध विहार है. इनपर मनुवादियों ने कब्ज़ा जमाया हुआ है. देखिये एक …
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संत कबीर स्वयं ऐसे परिवार में जन्में थे, जो तत्कालीन समाज व्यवस्था में अस्पृश्य था। उन्होंने स्वयं वर्ण- व्यवस्था की कटुताओं को झेला था। कबीर साहब मध्यकाल में ब्राह्मण- व्यवस्था …
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17 नवंबर 1913 – जब मानगढ़ धाम में 1500 भील आदिवासियों ने खुद को कुर्बान किया था !
by Admin2 viewsआज़ादी की लड़ाई में भील आदिवासियों ने अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया लेकिन फिर भी उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल पाया। हमारे देश में जलियांवाला बाग नरसंहार को तो याद …
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बहुत पहले से ही तमाम आंबेडकरवादी 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाते आ रहे हैं क्योंकि इस दिन बाबा साहब डॉ आंबेडकर की अध्यक्षता में संविधान सभा ने भारतीय संविधान …
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ये दुनिया की एकमात्र ऐसी धार्मिक किताब है जो जन्मजात गैर-बराबरी को जायज़ ठहराती है और उसको बनाए रखने के लिए खौफनाक सज़ाओं का भी प्रावधान करती है। 25 दिसंबर …
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भीमा कोरेगांव का युद्ध : जब 500 महारों ने 28,000 पेशवा सैनिकों से लिया जातीय अपमान का बदला !
by Admin2 viewsयुद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार पेशवा की सेना को देख कर ही दुश्मन घबरा जाए। उस दिन अंग्रेज सेना के अफसर भी घबरा गये थे… कुछ सौ सैनिकों …
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जयंती विशेष : देश की पहली महिला टीचर माता सावित्रीबाई फुले ने कैसे ब्राह्मणवादियों की नींव हिला डाली थी ?
by Admin2 viewsमाता सावित्रीबाई ने नारी शिक्षा के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया। ब्राह्मणवादियों से सीधी टक्कर ली और महिलाओं के लिए एक क्रांति की शुरुआत कर दी। 3 जनवरी 1831 …