Home » कानपुर में अमानवीयता की हदें पार: सरकारी नल से पानी पीने पर किशोर को बनाया मुर्गा, जूते में पिलाया पानी

कानपुर में अमानवीयता की हदें पार: सरकारी नल से पानी पीने पर किशोर को बनाया मुर्गा, जूते में पिलाया पानी

by Admin
0 comments 39 views

कानपुर के सचेंडी में प्यासे अनुसीचित जाति के किशोर ने ऊंची जाति के युवक की पानी की बाल्टी छू ली , तो उसके साथ ऊँची जाती के युवक एवं उसके भाई और दो साथियों ने मिलकर बर्बरता की।

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सचेंडी में प्यासे अनुसीचित जाति के किशोर ने ऊंची जाति के युवक की पानी की बाल्टी छू ली , तो गुस्साए ऊँची जाती के युवक ने अपने भाई और दो साथियों के साथ मिलकर किशोर से बर्बरता की।

जानकारी के मुताबिक, जूते पर थूक कर चटवाया फिर उसी जूते में पानी भरकर उसे जबरन पिलाया। यही नहीं उसे निर्वस्त्र कर जमकर पीटा भी। इसके चलते किशोर के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। जब लोग बीचबचाव करने पहुंचे तो उसे छोड़ दिया गया । पीड़ित किशोर के पिता की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित कई अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

मामला जानिए
ग्रामीण के मुताबिक, 2 मई की रात किशोर खेत में काम कर रहा था। इस दौरान उसे प्यास लगी। खेत के पास ही एक आरोपी संजय के मकान के सामने सरकारी पानी की टंकी के पास पहुंचा। वहां बाल्टी और जग रखा था। किशोर उससे पानी पीने लगा।

आरोप है कि आरोपी संजय, उसके भाई दीपक, साथी सागर और पटिया ने उसे जाति सूचक गालियां देनी शूरू कर दीं। इसके बाद उसके कपड़े उतरवाए और मुर्गा बनाया। लाठी-डंडों और लात घूंसों से पीटा। इससे उसका हाथ टूट गया। आरोपी यहीं नहीं रूके। किशोर से जूते पर थूककर चटवाया और उसी जूते से पानी भी पिलाया। यह मंजर देखकर ग्रामीणों की भीड़ लगने लगी। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच बीचबचाव कर मामले को शांत करवाया। मौके से आरोपी भाग निकले।

इस मामले में पीड़ित किशोर के पिता ने चारों के खिलाफ केस दर्ज कराई है। सचेंडी इंस्पेक्टर दीनानाथ ने कहा कि चार लोगों पर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दलित समाज को इंसान नहीं समझा जा रहा, अपराधियों के मन में कानून का कोई डर नहीं : चंद्रशेखर आज़ाद
जिला कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र के झखरा संभरपुर गांव में 16 वर्षीय दलित किशोर शिवम कोरी और उसके पिता के साथ हुई बर्बरता कोई 5000 साल पुरानी घटना नहीं, बल्कि सिर्फ 13 दिन पहले, 2 मई की रात 9 बजे घटी एक सच्चाई है जो आज भी हमारे समाज के माथे पर कलंक बनकर खड़ी है।

मजदूरी और खेती कर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाले पिता-पुत्र खेत में काम कर रहे थे। तभी प्यास से बेहाल बेटे ने पिता के कहने पर सरकारी हैंडपंप पर रखे बाल्टी-लोटे से पानी पी लिया। बस इतनी सी बात पर जातंकवादियों ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गालियां दीं और कहा कि “नीच जाति ने बाल्टी छूकर धर्म भ्रष्ट कर दिया है।” इसके बाद जो हुआ, वह इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला है- उसे मुर्गा बनाया गया, निर्वस्त्र किया गया, जूतों से बेरहमी से पीटा गया, जूते में थूक कर चटवाया गया और उसी जूते में पानी भरकर पिलाया गया। इतनी क्रूरता की गई कि उसकी पसलियां तक तोड़ दी गईं।

यह घटना साफ दिखाती है कि आज भी दलित समाज को इंसान नहीं समझा जा रहा है और अपराधियों के मन में कानून का कोई डर नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि से हमारी मांग है:- इस अमानवीय कृत्य के सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी धाराएं लगाई जाएं और पीड़ित परिवार को सुरक्षा तथा समुचित मुआवजा दिया जाए।

You may also like

Leave a Comment