Awaaz India Tv

कांग्रेस के दिग्गज नेता सुरेश कलमाड़ी का 82 साल की उम्र में हुआ निधन

कांग्रेस के दिग्गज नेता सुरेश कलमाड़ी का 82 साल की उम्र में हुआ निधन

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 81 साल के थे। कलमाड़ी को पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 81 साल के थे। कलमाड़ी को पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली।कलमाड़ी के आधिकारिक कार्यालय के मुताबिक उनका पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक कलमाड़ी हाउस एरंडवणे में रखा जाएगा। अंतिम संस्कार दोपहर 3.30 बजे वैकुंठ श्मशान पुणे में होगा।

जानिए कौन थे दिवंगत कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी

सुरेश शामराव कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को हुआ था। कलमाड़ी पुणे लोकसभा सीट से 3 बार सांसद चुने गए। राजनीति के साथ-साथ वे खेल प्रशासन के लिए भी जाने जाते रहे। भारतीय ओलिंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष थे। 2010 में दिल्ली में हुए ग्लोबल इवेंट कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति के चेयरमैन भी थे। कलमाड़ी ने रेल राज्य मंत्री के रूप में भी काम किया था।

स्क्वाड्रन लीडर पद से रिटायर हुए थे कलमाड़ी

कलमाड़ी ने 1960 में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) जॉइन की। फिर वे इंडियन एयरफोर्स में पायलट कमीशंड हुए। एयरफोर्स में वे 1964 से 1972 तक पायलट रहे। इसके बाद वे 1972 से 74 तक NDA में एयरफोर्स ट्रेनिंग टीम में इन्स्ट्रक्टर रहे। एयरफोर्स से वे स्क्वाड्रन लीडर के पद से रिटायर हुए। इसके बाद उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी।

कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाले में नाम, 15 साल चला केस
सुरेश कलमाड़ी कांग्रेस आलाकमान को सदैव प्रिय रहे. तब भी जब वे महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उनकी सक्रियता देख कर ही तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें 1982 में ही राज्यसभा में बुला लिया था. बाद में वह लोकसभा के लिए भी चुने गए. तेजी से कामयाबी हासिल करने वाले कलमाड़ी पर जब भ्रष्टाचार का आरोप लगे तो उनका ग्राफ तेजी से नीचे गिर गया.

कलमाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण विवादों में भी घिरे रहे। CWG कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर 15 साल तक केस चला। अप्रैल 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया, जिसमें कलमाड़ी और तत्कालीन महासचिव ललित भनोट तथा अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज था। कलमाड़ी समेत कई लोगों पर खेलों के लिए दो महत्वपूर्ण अनुबंधों के आवंटन में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। कलमाड़ी को अप्रैल 2011 में CBI ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया था। उन्हें 10 महीने दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था। कलमाड़ी पर खेलों के लिए स्विस टाइमकीपिंग को टाइमिंग-स्कोरिंग-रिजल्ट सिस्टम का ठेका 141 करोड़ की लागत पर देकर फायदा पहुंचाने का आरोप था।

भ्रष्टाचार और निलंबन, अकेलेपन की मृत्यु
मृत्यु के करीब एक साल पहले फरवरी 2025 में उन्हें इस आरोप से क्लीनचिट मिल गई जब ED की क्लोजर रिपोर्ट अदालत में स्वीकार कर ली गई. इस रिपोर्ट में ED ने कहा था कि सुरेश कलमाड़ी के खिलाफ मनी लांड्रिंग के सबूत नहीं हैं. और इसी के साथ उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का केस भी खत्म हो गया. किंतु कांग्रेस ने उन पर खेलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद सस्पेंड कर दिया था. उनका राजनीतिक करियर भी समाप्त हो गया और खेलों में उनकी सक्रियता भी.

वे काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और छह जनवरी की तड़के उनका निधन हो गया. पार्टी से बर्खाश्त होने के बाद से वे बहुत अकेलापन महसूस कर रहे थे. पार्टी नेताओं ने भी उनसे दूरी बना ली थी. लेकिन पुणे में कांग्रेस को स्थापित करने वालों में सुरेश कलमाड़ी का अहम रोल था

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *