ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं। टाईम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, वे मौजूदा युद्ध के दौरान घायल हुए हैं। सरकारी टीवी ने उन्हें जानबाज बताया, जिसका मतलब है कि वे दुश्मन के हमले में घायल हुए हैं।
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं। टाईम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, वे मौजूदा युद्ध के दौरान घायल हुए हैं। सरकारी टीवी ने उन्हें जानबाज बताया, जिसका मतलब है कि वे दुश्मन के हमले में घायल हुए हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि मुजतबा किस घटना में घायल हुए। इससे पहले 28 फरवरी को उनकी पत्नी, बेटी और पिता की मौत हो गई थी।
जंग शुरू होने के बाद से मुजतबा सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। उन्हें बीती रात ईरान का नया सुप्रीम लीडर घोषित किया गया था। वहीं अली खामेनेई की मौत के बाद इजराइल और अमेरिका ने बिना इजाजत सुप्रीम लीडर चुनने पर खोज कर मारने की धमकी दी थी। इजराइल ने कहा था कि जो भी ईरान का सुप्रीम लीडर बनेगा उसे खत्म कर दिया जाएगा, चाहे वो कहीं भी छुपा हो।
35 साल से ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज थे अली खामेनेई
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को US-इजराइल के हमले में मौत हो गई थी।अयातुल्ला 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से ईरान के सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज थे। ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान, जब शाह मोहम्मद रजा पहलवी को हटाया गया तो खामेनेई ने क्रांति में बड़ी भूमिका निभाई थी।
इस्लामिक क्रांति के बाद खामेनेई को 1981 में राष्ट्रपति बनाया गया था। वह 8 साल तक इस पद पर रहे। 1989 में ईरान के सुप्रीम लीडर खुमैनी की मौत के बाद उन्हें उत्तराधिकारी बनाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक अयातुल्ला धर्मगुरु की एक पदवी है। ईरान के इस्लामिक कानून के मुताबिक, सुप्रीम लीडर बनने के लिए अयातुल्ला होना जरूरी है। यानी कि सुप्रीम लीडर का पद सिर्फ एक धार्मिक नेता को ही मिल सकता है।
बहरीन की तेल कंपनी बोली- हालात कंट्रोल से बाहर, सप्लाई रुकने पर हम जिम्मेदार नहीं
बहरीन की सरकारी तेल कंपनी बापको एनर्जीज ने अपनी एक्टविटीज पर फोर्स मेज्योर घोषित किया है। इसका मतलब है कि अगर किसी वजह से तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो कंपनी उसकी जिम्मेदार नहीं मानी जाएगी क्योंकि हालात उसके कंट्रोल से बाहर हैं।
यह फैसला तब लिया गया जब देश की मुख्य तेल रिफाइनरी की तरफ से घना धुआं उठता हुआ देखा गया। इससे पहले सरकार ने कहा था कि सित्रा इलाके में ईरानी ड्रोन हमले के कारण कुछ लोग घायल हुए और नुकसान भी हुआ। बापको एनर्जीज बहरीन की मुख्य तेल रिफाइनरी चलाने वाली कंपनी है और यह देश के एनर्जी सेक्टर की एक अहम फैसिलिटी है।